Coronavirus
पूरे विश्व को हिला देने वाला ''कोरोनावायरस'' (Coronaviru) थमने का नाम नहीं ले रहा है, इस वायरस से लड़ने के लिए भारत समेत पूरा विश्व लगा हुआ है और कोरोना वायरस वैक्सीन (COVID-19 vaccine) कब आएगी ?

पूरे विश्व को हिला देने वाला Coronavirus थमने का नाम नहीं ले रहा है, इस वायरस से लड़ने के लिए भारत समेत पूरा विश्व लगा हुआ है और कोरोना वायरस वैक्सीन (COVID-19 vaccine) कब आएगी ? इस सवाल का जवाब अलग-अलग जगह पर तमाम एक्सपर्ट्स के अपने-अपने जवाब है पर इतना तय है कि वैक्सीन आने में अभी काफी समय लग सकता है. यानी जबतक इस खतरनाक वायरस की वैक्सीन नहीं आजाती तबतक लोगों को सावधानी बर्तनी ही पड़ेगी. वहीं अब मौसम बदलने वाला है और ठंड जल्द ही आने वाली है, हम जल्द ही अपने स्वेटर, जैकेट आदि पहनकर दिखने वाले हैं वहीं इस ठंड में Coronavirus भी ज्यादा उछल-कूद मचाने वाला है.

क्या ठंड में अधिक जनालेवा साबित होगा Coronavirus ?

Coronavirus को लेकर कई लोगों के मानना है कि ठंड में ये वायरस कम होगा लेकिन ख़बर है कि इस मौसम में ये घटने के बदले और तेज़ी से बढ़ेगा. इस मामले में हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने एक बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि SARS Cov 2 (Coronavirus) एक रेस्पिरेट्री वायरस है और इस प्रकार का वायरस को ठंड के मौसम में बढ़ने के लिए जाना जाता है, रेस्पिरेट्री वायरस ठंड के मौसम और कम आर्द्रता की स्थिति में बेहतर तरीके से पनपते हैं, डॉ हर्षवर्धन के इस बयान को आसान भाषा में समझा जाए तो अबतक जब गर्मियां थी तब इस वायरस के फैलना का एक मुख्य कारण था की संक्रमित छोटे आकार के एरोसॉल कणों (हवा में मौजूद ठोस या वाष्प कण) के संपर्क में आने से था वहीं सर्दियों में जब कोई संक्रमित व्यक्ति सांस छोड़ता है, खांसता या छींकता है तब उसके नाक से निकली बूंदों से सीधे संपर्क में आने से हो हो सकता है.

Coronavirus: घर में रहना ज्यादा खतरनाक

एक रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर पश्चिमी देशों में ठंड का मौसम अधिक होता है जिससे लोग घरों में ज्यादा रहते हैं और जब एक घर में virus घुस गया तो उस घर में रहने वाले सभी लोगों को इस वायरस के चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में ठंड के समय में लोग अंदर नहीं रहते वो अधिकतर धूप की तलाश में बाहर आते हैं जिससे घरों में वेंटिलेशन बना रहता है, यानी आसान भाषा में समझे तो कोरोना बंद जगहों में तेजी से फैलता है वहीं खुली जगह में इसकी संभावना कम होती है क्योंकि खुली जगह पर कोरोना के ड्रापलेट्स को लोगों के संपर्क में आने में ज्यादा समय लगता है और उसके फैलने की रफ्तार धीमी होती है.

भारत तो वैसे हर मौसम में उत्सवों का त्यौहार है ही पर इन सर्दियों के महीनों में कई ऐसे बड़े त्यौहार आते हैं जिन्हें हर साल हम धूम-धाम से मनाते आए हैं, लेकिन इस बार लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है अगर इन त्यौहारों में लोगों ने लापरवाही दिखाई तो हमें ”Corona Part 2” देखने को मिल सकता है यानी कोरोना फिर से विकराल हो जाएगा. इसलिए यह जरूरी है कि इन त्यौहारों में लोग सवाधानी बरतें, त्यौहारों के दौरान दो गज की दूरी और मास्क पहनकर हमेशा रखें वहीं दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने के बजाय इस बार घर में रहकर ही त्यौहारों का आनंद लें ताकी इस सर्दी में हम कोरोना को बढ़ने ना दें.

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