Coronavirus Vaccine
Photo Source: Times of India

आज जब दुनिया भर में कोरोना वायरस की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) बनाने की होड़ लगी हुई है, हर देश स्वयं को अन्य से पहले इस पायदान पर पहुंचते देखना चाहता है और विश्व के 15 मिलियन से ज्यादा आबादी इस महामारी के चपेट में आ चुकी है, तो वर्तमान परिस्थतियों में वैक्सीन निर्माण और उसके उपलब्धता का अवलोकन करना अत्यावश्यक है. अभी विश्व में 100 से ज्यादा वैक्सीन ट्रायल के स्तर पर हैं,जिनमें 23 वैक्सीन ऐसे हैं जो इंसानों पर ट्रायल के स्तर पर पहुंच चुके हैं.

क्या है Coronavirus Vaccine और उसे बनाने की प्रक्रिया

बीमारी फैलाने वाले पैथोजेन (बैक्टीरिया/वायरस) को जब निष्क्रीय और एक विशेष प्रक्रियात्मक कार्यवाही के पश्चात मानव शरीर में प्रवेश कराया जाता है,तो शरीर इसके विरूद्ध रोग प्रतिरोधक एंटीबॉडी विकसित करने लगता है और शरीर अपने मस्तिष्क में इस प्रक्रिया को सुरक्षित कर लेता है और भविष्य में जब वायरस या बैक्टीरिया का शरीर पर आक्रमण होता है,तो यह एंटीबॉडी उनको समाप्त कर शरीर को स्वस्थ रखते हैं.

वैक्सीन निर्माण एक अत्यन्त सूक्ष्म निरीक्षण तथा समय लेने वाली प्रक्रिया है. इसके मुख्यत चार चरण होते हैं –

पहला चरण – प्रारम्भिक चरण में स्वयंसेवकों के एक छोटे समूह (20-100)पर वैक्सीन की मात्रा और विषाक्तता का अध्ययन किया जाता है.
दूसरा चरण – इस चरण में 100-500 स्वयंसेवकों को वैक्सीन देकर इसके मात्रा निर्धारण,सुरक्षा और दक्षता का अध्ययन किया जाता है.
तीसरा चरण – इसको कन्फॉर्मेटरी टेस्ट कहते हैं. इसके अन्तर्गत द्वितीय चरण की गतिविधि को ही एक बड़े समूह (500-3000) पर प्रयोग करके इसके अन्य प्रभावों का अध्ययन किया जाता है.
चतुर्थ चरण में वैक्सीन के प्रतिकूल ओसधी प्रभाव आदि का अध्ययन करने के पश्चात फिर इसे बाजार में उतारा जाता है.

Coronavirus Vaccine रेस और दुनिया

कोरोना के विकराल रूप ने विश्व के सभी राष्ट्रों की रीढ़ तोड़ दी है,और इस महामारी से बचने और इसका निदान करने में हर राष्ट्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ लगा हुआ है. वैक्सीन निर्माण की वर्तमान वस्तुस्थिति यह है कि अभी कोई भी राष्ट्र एक ऐसे वैक्सीन के साथ सामने नहीं आ पाया है, जो सभी मानकों पर खरा है. लेकिन अनेक राष्ट्रों ने क्लीनिकल ट्रायल के आखिरी चरण में पहुंचने और जल्द ही वैक्सीन निर्मित करने के प्रबल दावे कर दिए हैं.

इनमें सबसे आगे ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का दावा है कि उनकी AstraZeneca वैक्सीन अपने सभी ट्रायालों में खरी उतरी है और जल्द ही उपलब्ध होगी. अमेरिका ने अपने Covid-19 वैक्सीन moderna पर बड़ा दांव खेला है और उसका दावा है कि जल्द ही वह इसे बाजार में उतारने वाला है. रूस के तरफ से यह आधिकारिक बयान आया है कि उन्होंने वैक्सीन निर्मित कर लिया है,और यह वैक्सीन दो वर्षो तक इम्यूनिटी प्रदान करता है. चाइना फिलहाल एक वैक्सीन अपने सेना को प्रयोग करने के आदेश दे चुका है,और उसका दावा है कि जल्द ही वह एक संपूर्ण निदान कारी वैक्सीन तैयार कर लेगा.

भारत और Coronavirus Vaccine

कोविड एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2021 तक भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या बेतहाशा वृद्धि करने वाली है,और भारत के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि जल्द से जल्द वह वैक्सीन निर्माण और उसका बड़े स्तर पर उतपादक एवम् प्रयोग करे. वर्तमान में भारत में सात के लगभग फार्मा कंपनियां वैक्सीन निर्माण में लगी हुई हैं,जिनमें Bharat Bio-Tech, Serum institute, Zydus cadilla प्रमुख कंपनियां हैं. इनमें भारत बायोटेक जो कि आईसीएमआर के साथ मिलकर अपनी कोरोना वैक्सीन Covaxin के साथ सबसे आगे है। यह वैक्सीन अपने तृतीय चरण में है और उम्मीद किया जा रहा है कि जल्द ही यह वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।

Coronavirus Vaccine War ?

WHO के प्रमुख डॉक्टर गब्रियेसिस का बयान है कि,”कोई भी सफल वैक्सीन सबको मिलनी चाहिए. कई देश इसे वैश्विक सार्वजनिक सेवा के रूप में देख रहे हैं,जबकि कुछ उल्टी दिशा में जा रहे हैं.” मई में अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रेस कान्फ्रेस करके यह बयान दिया कि ईरान और चीन जैसे देश साइबर अटैक कर के उनके वैक्सीन से जुड़े संवेदनशील डाटा को चुराना चाहते हैं. वैक्सीन डाटा चोरी के लिए सबसे ज्यादा बदनामी रूस को झेलनी पड़ रही है। अमेरिका कनाडा और ब्रिटेन ने रूसी हैकर ग्रुप कोजी बीयर का नाम लेते हुए कहा है कि, रूस हमारे संवेदनशील जानकारियों को चुराना चाहता है.

वस्तुत: वर्तमान परिस्थितियों में वैक्सीन निर्माण सिर्फ मानव जीवन रक्षा से ऊपर उठ कर एक विशाल बाजार पर धमक,धन लोलुपता और और वैश्विक आपूर्ति पर एकाधिकार प्राप्त कर मूल्य तय करने के अधिकारों को प्राप्त करने की जद्दोजेहाद है.

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