Maskoor Usmani
दरभंगा जिले की विधानसभा से सीट से कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी Maskoor Usmani को बनाया है। Maskoor Usmani अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सीटी छात्र संगठन के पूर्व अध्य़क्ष रहे हैं।

चुनाव कोई भी हो हर बार चुनाव अपने असल मुद्दों से भटक जाते हैं। जहां बात होनी चाहिए बेरोज़गारी, गरीबी, किसान, शिक्षा, स्कूल, क़ॉलेज आदि की वहां बात होती है धर्म, जात और पाकिस्तान की। ये देश का दुर्भाग्य भी है कि तमाम जूरूरी मुद्दों को छोड़ अकसर ये सब मुद्दे ही महत्वपूर्ण बन जाते हैं और इन्हीं सब के नाम पर वोट मांगे जाते हैं। अब मौसम बिहार चुनाव का है जहां इन दिनों जिन्ना चर्चाओं में है। उसका कारण है कि दरभंगा जिले की विधानसभा से सीट से कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी Maskoor Usmani को बनाया है। Maskoor Usmani अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सीटी छात्र संगठन के पूर्व अध्य़क्ष रहे हैं।

Maskoor Usmani पर लगा है जिन्ना समर्थक होने का आरोप

Maskoor Usmani पर AMU का अध्यक्ष रहते हुए पाकिस्तान के संस्थापक महोम्मद अली जिन्ना की तस्वीर कमरे के अंदर लगाने का आरोप लगाया गया था और उस समय उनके द्वारा जिन्ना का महिमामंडन करने को लेकर बहुत विवाद हुआ था। इसी कारण मश्कूर के विरोधी चुनाव प्रचार के दौरान उनपर और उनकी पार्टी कांग्रेस पर लगातार हमले कर रही है।
इस पर बिजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ‘कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं को देश को जवाब देना होगा कि क्या वो भी जिन्ना का समर्थन करते हैं, क्या शरजील इमाम उनके स्टार प्रचारक होंगे?’

वहीं बीजेपी नेता प्रेम रंजन पटेल ने भी कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि “पार्टी को कभी देश की एकता और अखंडता से मतलब नहीं रहा। उसने देश को विभाजित करने का काम करने वाले के समर्थक को टिकट दिया है” । वहीं एक निजी टीवी चैन्नल नें डिबेट शो में ये दावा किया कि 2018 में उस्मानी ने पाकिस्तान के फाउंडर मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगवाई थी।

आरोपों पर Maskoor Usmani का जवाब

हालांकि उस्मानी ने इन दावों को गलत बाताया और The Quint के दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इसपर बोलते हुए कहा कि ”जब मैं AMU छात्रसंघ का अध्यक्ष था, तबसे ही वहां जिन्ना की तस्वीर लगी हुई थी। उस्मानी ने कहा कि “जब मीडिया के जरिए हमें पता चला तो हमने पीएम मोदी को पत्र लिखा और पूछा कि इस तस्वीर का क्या करना है, लेकिन प्रधानमंत्री जी का कोई जवाब हमें नहीं मिला”। उस्मानी ने इन बातों के दोबारा चर्चा में आने के बाद चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा है और दावा किया कि ‘मीडिया के ऐसे साफ झूठ दिखाने से उनकी सुरक्षा खतरे में आ सकती है। वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि बिजेपी के अध्यक्ष जिन्ना की मजार पर मत्था टेके और हमसे सवाल पूछे जा रहे हैं।

दरअसल AMU में जिन्ना की तस्वीर को लेकर मचा बवाल 2018 में सामने आया था जब अलीगढ़ के बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने AMU के वाइस-चांसलर तारिक मंसूर को एक खत लिखा और उनसे पूछा कि जिन्ना की तस्वीर लगाने के पीछे क्या वजह है। उस वक्त Maskoor Usmani अलगीगढ़ यूनीवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष थे। उस समय बीजेपी ने उनपर जिन्ना की तस्वीर हटाए जाने का विरोध करने का आरोप लगाया। लेकिन अपने बचाव में उस्मानी ने एक बयान जारी कर कहा, ‘हम फिर से यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि AMU के छात्र किसी भी तरह से मोहम्मद अली जिन्ना या उनकी तस्वीर का बचाव नहीं कर रहे हैं।’ उस्मानी ने एक इंटरव्यू में कहा कि “बीजेपी के पास चुनाव के लिए कोई मुद्दा ही नहीं है, ”बिहार में कुशासन चल रहा है, न शिक्षा की कोई बात हो रही है, न स्वास्थ्य की कोई बात हो रही है, न बेरोजगारों के बारे में कोई बात हो रही है.”

ये सही है कि AMU में जिन्ना की तस्वीर लगी है लेकिन कई इतिहासकारों और AMU प्रशासन ने साफ किया है कि जिन्ना की ये तस्वीर यूनिवर्सिटी की दीवार पर आजादी के समय से पहले से लगा है, AMU की स्थापना 1875 में सर सैयद अहमद खान ने की थी और ऐसा बताया जाता है कि यहां जिन्ना की तस्वीर 1938 से ही लगी हुई है।

  • – अंकुर मौर्या

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