Personal Loan Apps

Personal Loan Apps: एक जमाना था जब बैंक से लोन लेना किसी टेढ़ी खीर से कम नहीं हुआ करता था. बैंक के चक्कर लगाते लगाते चप्पलें घिंस जाया करती थी. दरवाजे पर खड़े होने वाले गार्ड से लेकर केबिन में बैठने में मैनेजर साहब तक से घर-द्वार और खेत खलिहान की बातें हुआ करती थी. लेकिन अब समय बदल गया है, अब लोन ‘लेने’ के लिए नहीं बल्कि लोन ‘देने’ वालों की लाइन लगी रहती है. दिन भर में दर्जनों कॉल और मेल्स आती हैं जो चुटकियों में लोन देने का दावा करते हैं. इसके बाद स्मार्ट मोबाइल के जमाने में एप्स का सिलसिला तेज हुआ. यहां तो आपको चुटकी भी बजाने की जरूरत नहीं है, उससे पहले लोन मिल जाता है. लेकिन असल खेल, इस लोन को लेने के बाद शुरू होता है.

पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आए जहां एप्स के माध्यम से लोन लेने के बाद वसूली के नाम पर गुंडागर्दी होने लगी. दिन में चार बार जलील करना और मारपीट की धमकियों की शिकायतें पुलिस थानों में पहुंचने लगी. कुछ लोगों ने तो इन वसूली भाइयों से तंग आकर, मौत तक को गले लगा लिया. पर्सनल लोन के नाम पर चल एप्स के इस गोरख धंधे पर सरकारी एजेंसियों ने भी चिंता जताई, जिसके बाद गूगल ने इन एप्स को प्ले स्टोर से हटा लिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 10 दिनों के अंदर करीब 118 मोबाइल एप्लीकेशन को हटाने का काम किया गया, लेकिन क्या इससे समस्या का समाधान हो गया. क्या वाकई एप्स बंद हो गईं. जिन लोगों ने लोन लिया है, क्या उनका खाता बंद हो गया. अगर लोन नहीं भरा तो क्या होगा, कंपनी बंद हो गई तो पेमेंट किसको करें… जैसे दर्जनों सवाल लोगों के जहन में अभी भी बने हुए हैं तो चलिए आपकी समस्या का समाधान करने की कोशिश करते हैं. (Personal Loan Apps)

Personal Loan Apps: क्या चुकाना होगा लोन

इस सवाल से पहले आपको इस बात को समझना होगा कि आप जब भी किसी लेंडिंग एप्स के जरिए लोन लेते हैं तो सबसे पहले आपसे कुछ शर्तों बताई जाती हैं, जिनको पूरा पढ़ने और I Agree के बटन दबाने के बाद ही आगे जाने की अनुमति मिलती है. अमूमन लोग इन शर्तों को न तो पढ़ने की जहमत उठाते हैं और न ही जानने की कोशिश करते हैं, जोकि आपकी सबसे बड़ी गलती होती है. यह शर्ते एप्स के हिसाब से अलग-अलग जरूर हो सकती है लेकिन सबका सार एक ही होता… पैसा लिया है तो चुकाना पड़ेगा.

दरअसल RBI ने जून 2020 में मोबाइल एप्स के जरिए लोन देने वाली कंपनियों के लिए दिशा निर्देश जारी किए. जिसके अनुसार लोन देने वाली कंपनी को ग्राहक को NBFC (Non-bank financial institution) की जानकारी देनी होगी. पैसे किस बैंक को किस गैर बैंकिंग संस्था के द्वारा दिए जा रहे हैं, यह बाताना होगा. लोन देने से पहले एक सेंक्शन लेटर जारी करना होगा. इस लेटर में कंपनी की सभी नियमों की स्पष्ट जानकारी और लोन की राशि और उस पर लगने वाले ब्याज की जानकारी देनी होगी. ग्राहक के हस्ताक्षर के बाद ही लोन की प्रक्रिया पूरी होगी. यानी की अकाउंट में रकम आएगी.

अगर किसी स्थिति में लोन की रकम नहीं भरी जाती है तो इसकी जिम्मेदारी NBFC या संबंधित बैंक की होगी. ऐसे में अगर आपने किसी एप से लोन लिया है तो एप के बंद हो जाने के बाद लोन की वसूली NBFC या बैंक कर सकता है.

Personal Loan Apps: एप्स बंद हो गई तो?

एंड्रॉय़ड यूजर, गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल एप डाउनलोड करते हैं. यहां अपनी एप्लीकेशन को रजिस्ट्रेशन को कराने के लिए गूगल की नियम और शर्तों का पालन करना होता है. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर गूगल स्टोर से एप्लिकेशन को रिमूव कर देता है. ऐसी स्थिति में लोग नई एप्लीकेशन डाउनलोड नहीं कर सकते हैं, लेकिन जिनके मोबाइल फोन में यह एप्स डाउनलोडेड हैं वो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. दूसरी बात यह है कि एप्स, सिर्फ गूगल प्ले स्टोर से हटाई गई हैं और इंटरनेट के समुद्र में ऐसी तमाम जगह है जहां से इन्हें दोबारा भी डाउनलोड किया जा सकता है. अगर सरकार किसी तरह की पाबंदी लगाती भी है तो यह कंपनियां अपना सर्वर देश से हटा लेती हैं. कई मोबाइल एप्स के मामले में यह सामने आया है कि उन्हें विदेशों से ऑपरेट किया जा रहा है या फिर उनका सर्वर किसी दूसरे देश में है.

तो कुल मिलाकर लब्बोलुआब ये है कि लोन की राशि आपको भरनी होगी. लेकिन आपको यह जानने की जरूरत है कि कोई भी कंपनी आपको धमकाने या गाली गलौच का अधिकार नहीं रखता है. अगर कोई कंपनी ऐसा करती है तो आप कंज्यूमर फोरम में इसकी शिकायत भी कर सकते हैं.

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