Rekha Sharma
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष Rekha Sharma सोशल मीडिया पर घिर चुकी है जहां उनके इस्तीफे की मांग लगातार की जा रही है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष Rekha Sharma सोशल मीडिया पर घिर चुकी है जहां उनके इस्तीफे की मांग लगातार की जा रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि Rekha Sharma ने हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के दौरान ”लव जिहाद” का जिक्र किया और इस बात की जानकारी महिला आयोग ने अपने ट्विटर हैंडल को दी जिसके बाद ट्वीटर पर रेखा शर्मा पर सवाल उठने लगे और तमाम ट्वीटर यूज़र ने रेखा शर्मा के पुराने ट्वीट निकालकर उनकी मानसिकता पर कमेंट करने लगे और उनके इस्तीफे की मांग करते रहे। इसके बाद Rekha Sharma ने अपने पूराने ट्वीट्स को डीलीट करना शुरु कर दिया।

Rekha Sharma को क्यों करने पड़े अपने पुराने ट्वीट्स को डीलीट ?

Rekha Sharma की आखिर ऐसी क्या मज़बूरी हुई की उन्हें अपने पुराने ट्वीट डीलीट करने पड़े ? अगर उनके कुछ पुराने ट्वीट देखें जाए तों उनके ट्वीट में वो एक आईटी सेल की कार्यकर्ता नज़र सी आती है महिला आयोग की अध्यक्ष कम लगती है। कुछ पुराने ट्वीट इस प्रकार थे जिसको उन्होंने डीलीट कर दिया जिसमें वो महात्मा गांधी के राष्ट्रपिता होने पर सवाल उठाती है, एक ट्वीट में तो रेखा हद पार कर देती है जिसमें वो कहती हैं कि “AAP पार्टी के कुमार विश्वास का कहना है कि प्रियंका गांधी मेरी भी बहन है, ज़रा चेक कीजिए कहीं आपके पिता भी तो एक नहीं है हम पहले से ही जानते थे की कुछ तो गड़बड़ है”.. रेखा शर्मा के ऐसे तमाम पुराने ट्वीट है जिन पर वो बुरी तरह ट्रोल हुई और उन्होंने अपने ट्वीट डीलीट किए क्योंकि वह लगातार सवालों से घिरती जा रहीं थी

Rekha Sharma द्वारा किया गया वो ट्वीट जिसे उन्होंने ट्रोल होने के बाद डीलीट किया

”लव जिहाद” टर्म का इस्तेमाल कर क्यों घिरी हैं Rekha Sharma ?

खेर ये पूरा विवाद इस बात पर हुआ की उन्होंने कैसे ”लव जिहाद” शब्द का इस्तेमाल किया। अगर ये बात कोई बीजेपी का नेता या दक्षिण पंथी का व्यक्ति करता तो एक बार को समझा जा सकता था कि ये उनका एजेंडा है लेकिन एक महिला आयोग की अध्यक्ष इस ट्रम का इस्तेमाल करे तो ये चिंताजनक विषय है। ”लव जिहाद” एक विवादास्पद शब्द है और इसको लेकर सरकारी तौर पर ऐसा कोई तथ्य या आँकड़ा नहीं है जिससे इसके बारे में कोई पुष्टी कर सके। केंद्र सरकार संसद में ये बात कह चुकी है कि लव जिहाद की कोई तय परिभाषा नहीं है। 4 फरवरी 2020 को लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा था कि भारत में सभी को धार्मिक आज़ादी है, उन्होंने कहा था कि “लव जिहाद” शब्द को मौजूदा क़ानूनों के तहत परिभाषित नहीं किया गया है, ‘लव जिहाद’ का कोई मामला किसी केंद्रीय एजेंसी ने रिपोर्ट नहीं किया है।”

“लव जिहाद” को लेकर बहुत सी चर्चाएं होती है और इसको हमेशा हिंदू-मुसलमान का एंगल दिया जाता है जिससे धार्मिक विवाद बढ़ता है। इसी के चलते एक महिला आयोग की अध्यक्ष का ऐसी बातें करना कई सवाल खड़ा करता है जिसको लेकर तमाम ट्वीटर यूज़र ने तमाम सवाल खड़े किए और उनके इस्तीफे की मांग की:

एक्ट्रेस उर्मिला मतोंडकर ने ट्वीट करते हुए कहा कि इस देश में महिलाएँ कैसे सुरक्षित कैसे हो सकती हैं, जब सिलेक्टिव एजेंडा चलाने वाली महिला ऐसे आयोग का नेतृत्व कर रही हो?

कांग्रेस की लवण्या बल्लाल ने लिखा, ‘में खुश हूं की रेखा शर्मा को हटाने की माँग की जा रहा है। यूपी में बलात्कार के मामलों को उठाने और बीजेपी नेताओं द्वारा महिलाओं के बारे में ग़लत टिप्पणी करने के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग करने पर मुझे कुछ महीने पहले महिला आयोग और रेखा शर्मा ने ब्लॉक किया था।

वहीं उनके पुराने ट्वीट निकालकर ऋचा लखेरा नाम की ट्विटर यूज़र ने ये सवाल पूछा की आख़िर ऐसी महिला “राष्ट्रीय महिला आयोग” की अध्यक्ष कैसे हो सकती है?

ऐसे तमाम जानेमानें ट्वटीर यूज़र हैं जो Rekha Sharma पर सवाल उठा रहे हैं और #SackRekhaSharma ट्रेंड कर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पिलहाल रेखा शर्मा ने अपने ट्विटर अकाउंट को लॉक कर लिया है और अब उनके ट्ववीट्स को सिर्फ़ वही लोग देख सकते हैं, जिन्हें वो दिखाना चाहें यानी पर्मीशन दें, अब इंतज़ार इस बात का है कि सरकार इसपर कोई एक्शन लेती है या नहीं।

  • – अंकुर मौर्या

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