Joe Biden
Joe Biden

विश्व के सबसे पुराने लोकतंत्र और विश्व के सबसे बड़े चुनावों में से एक ”अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव” में एक लंबे और कड़े संघर्ष के बाद Joe Biden ने आखिरकार अमेरिका के राष्ट्रपति की कुर्सी हासिल कर ही ली । Joe Biden ने अपने कड़े प्रतिद्वंदी Donald Trump को हराकर इतिहास रच दिया। Joe Biden अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनें। बाइडेन ने वो कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। लेकिन बाइडेन ने जो इतिहास रचा इस इतिहास को रचने में बाइडेन का जो इतिहास रहा है वो ऐसे संघर्षों से गुज़रा है जो आने वाली कई पीढ़ियों के लिए मिसाल बनी है। बाइडेन ने ना सिर्फ अपने निज़ी जिंदगी में और बल्की अपने राजनीतिक जीवन में मुश्किल चुनौतियों का सामना किया है।

शुरुआती सफर में ही Joe Biden ने अपनी पत्नी और बेटी को खोया

अपना करियर वकील को तौर पर शुरु करने वाले बाइडेन राजनीति में आना चाहते थे, बाइडेन ने महज़ 30 वर्ष की उम्र में साल 1972 में अपना पहला चुनाव लड़ा और अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए। अपने इस शुरुवाती सफर में ही बाइडेन को भीषण हादसे का सामना करना पड़ा। दरअसल, बाइडेन चुनाव जीत कर अपने शपथ ग्रहण की तैयारी कर ही रहे थे कि उनके साथ एक कार दुर्घटना हुई जिसमें उनकी पत्नी नीलिया और बेटी नाओमी की जान चली गई वहीं उनके दोनों बेटे बुरी तरह घायल हो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे के बाद बाइडेन ने सीनेटर बनने से मना कर दिया था। लेकिन मेजोरिटी लीडर माइक मैन्सफील्ड के कहने पर बाइडेन मान गए और बाइडेन ने अपने बेटों के अस्पताल के कमरें में शपथ ली थी।

राष्ट्रपति बनने की रेस में कई बार असफल रहे थे Joe Biden

बाईडन 1988 से राष्ट्रपति बनने की कोशिश में लगे रहे लेकिन उनके एके़डमिक रिकॉर्ड ठीक नहीं होने की वजह से वो इस रेस से बाहर रहे। वहीं उनपर भाषण चोरी करने का भी आरोप लगा था। इसी बीच बाईडन की तबियत भी बिगड़ी जिसकी वजह से उन्होंने कैंपेन वापस लिया। वहीं बाइडेन पर साल 1991 में उनकी एक सहयोगी महिला कर्मचारी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था।

Barack Obama और Joe Biden की गज़ब केमिस्ट्री

बाइडेन ने साल 2008 में डेमोक्रेट्स की ओर से राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने की शुरुआत की लेकिन उस वक़्त बराक ओबामा पार्टी की ओर से उम्मीदवार बना दिए गए थे। लेकिन ओबामा ने उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के लिए चुना था। ऐसा माना जाता है कि बाइडेन की विदश नीति पर शानदार पकड़ थी जिसस प्रभावित होकर ओबामा ने उन्हें ये पद दिया। ओबामा ने जब राष्ट्रपति का चुनाव जीता था तब अपनी जीत के मौक़े पर दिए गए भाषण में बाइडन की तारीफ़ करते हुए कहा था कि “इस यात्रा में मेरे सहयोगी ने दिल से मेरा साथ दिया है.”। वहीं बाइडेन के काम और उनके सहयोग के चलते ही बराक ओबामा ने उन्हें ‘ब्रदर वाइस प्रेसिडेंट’की उपाधि भी दी थी।

अपने बेटे की मौत से टूट गए थे Joe Biden

Joe Biden की जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आ रहे थे लेकिन वो हार नहीं मान रहे थे 2008 में बाइडेन ने कहा था कि जिंदगी में कुछ रास्तों पर असफलता जरूरी होती है लेकिन इससे हार नहीं मानी जा सकती। लेकिन एक बार फिर उन्हें तगड़ा झगड़ा लग साल 2015 में Joe Biden के बड़े बेटे ब्यू की ब्रेन कैंसर से 46 साल की उम्र में मौत हो गई थी जिसने उन्हें पूरी तरह से तोड़ रखा था जिसके चलते उन्होंने 2016 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव ना लड़ने का फैसला लिया। इसक बाद उन्होंने खुद को बदला और 2020 में अपनी किस्मत आजमाई और इस बार बाइडन सफल रहे और इतिहास रचकर पूरे विश्व को इस बात का एक और उदाहरण दे दिया कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।

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