Twitter Policy

Twitter Policy: ट्विटर अपनी पॉलिसी को लेकर बेहद सख्त है. दूसरों को अपनी बात कहने की जगह देने वाला ट्विटर यह अधिकार अपने पास रखता है कि वह आपको BLOCK कर सकता है य़ा फिर REMOVE भी सकता है. दरअसल सोशल मीडिया के इस प्रचलित प्लेटफॉर्म ने प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर कुछ नियम (Twitter Policy) बनाए हैं. ट्विटर के इस्तेमाल के दौरान इन नियमों का पालन करना होगा. अगर ऐसा नहीं होता है ट्वीट को हटाया जा सकता है या फिर प्रोफाइल के जरिए ट्वीट करने की सुविधा को रोका जा सकता है. यह चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि अब इसके दायरे बड़े बड़े नाम आ रहे हैं. पिछले दिनों अमेरिका में हुई कैपिटल हिंसा के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया. जिस समय माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने यह कदम उठाया, उस वक्त ट्रंप अपने पद पर काबिज थे. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह अपने नियमों (Twitter Policy) को लेकर कितना सख्त है. आज एक बार फिर ट्विटर ने कंगना रनौत के अकाउंट को टेपरेंरी तौर पर संस्पेंड किया है. जिसके बाद ट्विटर के नियमों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसे में आपके लिए भी यह जानना जरूरी है कि यह नियम क्या हैं.

हमने ट्विटर की पॉलिसी (Twitter Policy) का अध्य्यन किया तो पाया कि वह इन पांच प्वाइंट्स को लेकर गंभीर है.
  1. आप किसी को धमकी नहीं दे सकते, आंतकवाद या फिर हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा देने जैसी बात कहने पर भी आपके ऊपर एक्शन लिया जा सकता है.
  2. किसी व्यक्ति विशेष या वर्ग को हिंसात्मक धमकी देने पर भी आपके ऊपर कार्रवाई की जा सकती है.
  3. बाल शोषण जैसी बातों को लेकर भी ट्विटर काफी गंभीर है.
  4. पॉलिसी के अनुसार यूजर ट्विटर के जरिए जाति, राष्ट्रियता, वर्ण, धार्मिक संबद्धता या फिर लैंगिग पहचान के आधार पर उत्पीड़न करता है फिर किसी को धमकाने की कोशिश करते हैं तो उसके अकाउंट पर भी कार्रवाई का डंडा चल सकता है.
  5. किसी गंभीर बीमारी या फिर विकलांगिता को लेकर किए गए ट्वीट के खिलाफ एक्शन रखने का अधिकार ट्विटर अपने पास रखता है.
ये तो हो गई ट्विटर के नियम कानूनों (Twitter Policy) की बात लेकिन कुछ सवालों के जवाब ट्विटर को भी देना चाहिए.
  1. क्या ट्विटर के यह नियम सिर्फ वेरिफाइड हैंडल्स पर ही लागू होते हैं. अगर ऐसा नहीं है तो ऐसे लाखों हैंडल्स, ट्विटर पर सालों से एक्टिव हैं जो सिर्फ और सिर्फ धार्मिक भावनाएं आहत करने, धमकियां देने और दंगा भड़काने जैसे ट्वीट करते हैं. कमाल की बात ये है कि इनके लाखों फॉलोअर्स भी होते हैं. अगर ट्विटर के नियम इतने सख्त हैं तो इनके अकाउंट्स पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है. कैसे ये सालों तक नफरत की आग उगलते रहते हैं.
  2. बाल शोषण या पॉर्न को लेकर ट्विटर कितना सजग है, इसका अंदाजा ट्विटर को हैंडल करने वालों को बखूबी होगा. ट्विटर पर अनगिनत पॉर्न फिल्में धड़ल्ले से डाली जाती हैं. अश्लील तस्वीरों और एमएमएस को लेकर भी कोई सख्ती दिखाई नहीं देती.
  3. भेदभाव का हवाला देकर ट्विटर तमाम तरह के प्रतिबंध लगाने का दावा कर रहा है, लेकिन सच्चाई ये है कि इसी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके कई भेदभावों को जिंदा रखा जा रहा है. चुनावीकरण भी किया जा रहा है और सिर्फ हिंदुस्तान में नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में ऐसा देखने को मिल रहा है.

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