Vikas Dubey Inside Story
मध्य प्रदेश: उज्जैन से महाकाल के मंदिर से गिरफ्तार किया गया विकास दुबे

Vikas Dubey Inside Story: 3 जुलाई को खबरों की दुनिया में ‘विकास दुबे’ नाम की गर्जना सुनाई दी. 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करने वाले दरिंदे की चर्चाएं गली-चौबारों से लेकर न्यूज चैनलों की चौखटों तक सुनाई देने लगी. विकास दुबे ने उत्तर प्रदेश पुलिस के खुफिया विभाग के खोखलेपन की परतें खोल कर रख दी. 8 खाकी वर्दी वालों को मौत के घाट पर उतारने के बाद वह बड़ी आसानी से उत्तर प्रदेश से हरियाणा और हरियाणा से मध्य प्रदेश की सैर करता रहा. मौका मिलने पर पुलिस और पूरे सिस्टम को मुंह चिढ़ाता रहा और अंत में अपनी मर्जी से महाकाल के सामने खुद को सरेंडर करता है. अब पुलिस और सरकारें चाहें कितनी भी अपनी पीठ को थपथपा लें. लेकिन विकास दुबे नाम के इस पूरे प्रकरण ने उत्तर प्रदेश के बजबजाते सिस्टम की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं. एक अकेले शख्स का मुखबिरों का पूरा सिस्टम यूपी के खुफिया विभाग पर भारी पड़ गया. विकास की दरिदंगी की चर्चाओं के साथ उसके चाहने वालों की संख्या भी कम नहीं है. वह अपनी कहानी का हीरो भी है और विलेन भी. Vikas Dubey Inside Story.

गुनाहों की दुनिया में कैसे ली एंट्री/ Vikas Dubey Inside Story

बिकरु गांव के लोग बताते हैं कि शुरुआती दिनों में विकास साधारण युवकों की तरह ही जीवन बिताता था. उसकी बड़ी बहन की पति की मौत के बाद वह अपनी बहन के साथ ही रहने लगा. कुछ महीनों के बाद जब वह गांव लौटा तो उसका व्यवहार बदलने लगा था. एक रोज विकास के पिता के साथ कुछ दलित वर्ग के लोगों ने बदसलूकी कर दी. इस बात से विकास इतना नाराज हुआ कि वह अपने घर में रखे असलहों को लेकर पिता के साथ हुई बदतमीजी का बदला लेने पहुंच गया. और यहीं से लगा उसको बाहुबली बनने का चस्का.

पहले गरीबों का बनता था मसीहा, फिर करता था परेशान/Vikas Dubey Inside Story

गांव के लोगों का कहना है कि विकास दुबे का इलाके जोरदार नेटवर्क है, जैसे ही उसे किसी गरीब किसान के घर शादी ब्याह जैसे कार्यक्रमों की जानकारी लगती थी तो वह मदद लेकर उनके घर पहुंच जाता था. लेकिन यह उसकी साजिश का हिस्सा भर हुआ करता था. विकास जिन गरीबों के घरों में मदद के बहाने दाखिल हुआ करता था. बाद में उनसे मदद के बदले जमीन या मकान लिखवा लिया करता था और जो उसकी बात नहीं मानता था. उन्हें पुलिस और विकास के गुर्गों द्वारा परेशान किया जाता था.

दरिंदगी की कहानियां/ Vikas Dubey Inside Story

विकास दुबे की दरंदिगी का अंदाजा तो इस बात से लगाया जा सकता है उसने उन 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी जो उसी को गिरफ्तार करने के लिए पहुंचे थे. लेकिन उसकी कहानी सिर्फ इतने पर नहीं रुकती है. गांव के लोग बताते हैं कि विकास एक किसान की जमीन पर कब्जा करने के लिए उसके खेत पर पहुंचा. किसान ने इसका विरोध किया तो विकास ने पहले तो किसान की खेत में बेरहमी से पिटाई की उसके बाद उसकी बेटी को घर से उठवा लिया. किसान जब पुलिस से शिकायत करने पहुंचा तो उसकी सुनवाई कहीं नहीं हुई.

अदालत भी खुद और जज भी खुद/ Vikas Dubey Inside Story

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि विकास गांव के मामलों के फैसले खुद ही किया करता था. अगर उसके फैसलों को मानने से कोई इनकार करता था तो उसे विकास के गुर्गों और लठैतों का सामना करना पड़ता था. जब भी गांव में किसी तरह का मामला होता था तो विकास के आंगन में उसकी अदालत लग जाया करती थी.

पुलिस में जबरदस्त पैठ/ Vikas Dubey Inside Story

विकास की गिरफ्तारी के बाद गांव के लोगों में काफी सुकुन देखने को मिलता है. वो कहते हैं कि विकास की चौखट पर कई खाकीधारियों का आना जाना था. उसकी दरिंदगी के चलते कई परिवार गांव छोड़कर जा चुके हैं. उनका कहना है कि विकास के खिलाफ पुलिस में भी उनकी सुनवाई नहीं होती है. कई गांव वालों ने माना कि पुलिस वालों के अलावा राजनीति से जुड़े लोग भी विकास के घर आया करते थे.

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